Thursday, April 5, 2012

Dat's the Feeling of Mental Oneness....


U won my heart n kept mind aside
I lost my mind n put heart inside
U wr not a winner but won a little bit
I ws not a quitter but trying to quit
……………………………………….
Ur voice ws sounding so melodious
I felt like a lyric euphonious
It’s nothing there to hide anything
But I was trying to curtain something
………………………………………….
That’s the feeling of blissfulness
This certainly packed my unhappiness
U filled my all emptiness
I drenched wid immense shyness
…………………………………………..











That’s hard to say but I did
That’s not intentional but candid 
That’s not easy but happened
Now every chapter is open 
………………………………………………..
I did’t wanna open my eyes
As I ws seeing u inside 
I cud see myself in your eyes
I did’t wannna get outside 
…………………………………………………
Dts the feeling of mental oneness
It’s much bigger dan togetherness.


9 comments:

  1. वाह!!!!!!बहुत सुंदर रचना,अच्छी प्रस्तुति,..

    MY RECENT POST...फुहार....: दो क्षणिकाऐ,...
    MY RECENT POST...काव्यान्जलि ...: मै तेरा घर बसाने आई हूँ...

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  2. खुशनसीब है वो जिनकी ज़िन्दगी में
    ये तब्दीली आती है
    और वे इसका स्वागत आगे बढ़ कर करते है.
    वो और भी खुशनसीब है
    जो अपना सब कुछ हार जाना चाहते है
    और सब कुछ हार के ख़ुशी महसूस करते हैं.
    इस जीत से हारने की ख़ुशी
    ख़ुदा सभी को दे.

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  3. खुशनसीब है वो जिनकी ज़िन्दगी में
    ये तब्दीली आती है
    और वे इसका स्वागत आगे बढ़ कर करते है.
    वो और भी खुशनसीब है
    जो अपना सब कुछ हार जाना चाहते है
    और सब कुछ हार के ख़ुशी महसूस करते हैं.
    इस जीत से हारने की ख़ुशी
    ख़ुदा सभी को दे.

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  4. प्रेम एक पवित्र भावना है जिसमे देवत्व का निवास होता है,जो देश,काल, जाती, धर्म सभी की परिधियो को लान्गती हुई सर्वव्यापक है। इस शक्ति का बखान शब्दों से परे है, तभी ये अनकही है ।

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  5. So nice post, thanks.

    कृपया मेरे ब्लॉग" meri kavitayen" की नयी पोस्ट पर भी पधारें, आभारी होऊंगा.

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  6. पश्‍यंती जी, गागर में सागर सी हैं आपकी भावनाएं।

    आपको हार्दिक शुभकामनाएं।

    ............
    डायन का तिलिस्‍म!
    हर अदा पर निसार हो जाएँ...

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